कैसे राम ने बाली का वध किआ

वाल्मीकि रामायण के अनुसार जब सुग्रीव बाली को युद्ध के लिए ललकारते है तब बाली की पत्नी तारा बाली को श्री राम के विषय में यह कहकर समझती है की श्री राम तो हिमालय जैसी सभी धातुओं का मिश्रण अपने अन्दर समेटे हुए है उसी प्रकार श्री राम गुणों की महा खान है और ऐसे महापुरुष का विरोध करना हमारे लिए अच्छा नहीं होगा जो पुरुषों में सर्वोत्तम हैं और इतने महान व्यक्तित्व वाले महापुरुष का सामना करना  ठीक नहीं है। इससे तो आप मुसीबत में पड़ जाओगे। क्या रामायण काल में हवन में पशु बली दी जाती थी?????
युद्ध के दौरान जब श्री राम ने बाली को तीर मारा तो बाली श्री राम को कोसते हुए कहते है की श्री राम मैंने तुम्हारा क्या बिगाड़ा है? मेरी दुश्मनी तो सुग्रीव से थी आप ने मुझे क्यों मारा ? तब श्री राम शलोकों के माध्यम से कहते है की आप धर्म का हनन करने  वाले हो, कुकर्म में रत्त रहते हो और केवल काम के दास आदि में रक्त रहते हो और कुकर्म हीपने किया है उससे आपने राजधर्म की उपेक्षा की है अर्थात् अपने राजधर्म का पालन नहीं किया।  इससे सिद्ध होता है की बाली कोई अच्छा व्यक्तित्व वाला इंसान नहीं था ओर न ही धार्मिक विचारों वाला था और समाज में कहा जाता है बाली तो वीर योद्धा था उसे भी राम ने छिप कर मार दिया ये धारणा समाज में गलत रूप से प्रचारित प्रसारित की गई है। क्या श्री राम ने बाली वध करके ठीक किया?
श्री राम बाली को कहते है की तुमने परंपरागत धर्म छोड़कर अपने ही भाई की पत्नी रूमा के साथ  पत्नी उपभोग किया वह बिलकुल भी धर्म का आचरण नहीं था वह धर्म के विरुद्ध था। तुमने अपने ही छोटे भाई की पत्नी जो तुम्हारी पुत्रवधु के समान थी, उससे तुमने उपभोग किया है जो बिलकुल अधर्म का कार्य किया है और कामासत होकर तुमने ये पाप कार्य किया है और राजधर्म का पालन नहीं किया, कुकर्म आदि सब गलत कार्य तुमने ही किये है और इसी का दंड मैंने तुम्हे दिया है। 
श्री राम मनुस्मृति(रामायण काल में संविधान) के दो शलोकों जिनमे राजा के लिए किस प्रकार के व्यक्ति को दण्ड देने का विधान है को पढ़कर कहते है मैंने इन सब का पालन किया है और धर्म ग्रंथों का पालन करते हुए मैंने तुम्हे मृत्यु दण्ड दिया है। जिससे पता चलता है की सुग्रीव के रहते भी सुग्रीव की  पत्नी रुमा को बाली ने अपनी पत्नी के रूप में प्रयोग किया था। और एक पति के जीवित रहते उसकी पत्नी को हरण करना अधर्म था। इसलिए श्री राम ने बाली को दण्ड दिया। यदि पति जीवित न हो तो भाई की पत्नी के साथ नियोग किया जा सकता है अगर वो चाहे अन्यथा नहीं। तो इससे सिद्ध होता है की श्री राम जो एक महापुरुष थे। वो एक पापी को छिप कर कैसे मार सकते है । आमने-सामने के युद्ध में श्री राम ने सुग्रीव के भाई बाली का वध किया

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